साढ़े तीन साल तक यहाँ रहने के दौरान मैंने इस देश को इतने दुःख और अवसाद में डूबे हुए कभी नहीं देखा. कोरियन लोग दुनिया के सबसे मेहनती और जीवट लोगों में से हैं. जब पूरी दुनिया के लोग नॉर्थ कोरिया के अटैक को लेकर टेंशन में थे तब कोरिया में कोई इसकी बात भी नहीं करता था. लोग बिना किसी चिंता के अपने-अपने काम में लगे हुए थे.
लेकिन पिछले 2 दिनों में जितने भी कोरियन लोगों से मेरी बात हुई सब के सब ने ये बताया कि वे इस दुर्घटना से बहुत परेशान हैं. शायद एक कारण यह भी है कि डूबे जहाज में अधिकतर हाई-स्कूल के बच्चे थे. कोरिया एक ऐसा देश है जहाँ युवा आबादी बड़ी तेजी से कम हो रही है और बूढ़े लोगों की संख्या बढ़ रही है. ऐसे में एक साथ इतने बच्चों का दुर्घटनाग्रस्त होना सिर्फ उनके परिवारों के लिए नहीं पूरे देश के लिए दुख की घटना है.
मलेशियन फ्लाईट और अभी सेवॉल शिप के साथ हुई दुर्घटना से यह अहसास होता है कि हम तकनीकी रूप से अभी कितना पीछे हैं और प्रकृति के आगे कितने विवश. पीड़ितों और उनके परिवारवालों के लिए प्रार्थना ही की जा सकती है.
